अमरनाथ_यात्रा_

बाबा बर्फानी की यात्रा 2019 में बीच में ही रोक कर, 370,35 ए हटाया गया था, फिर 2020-2021 में कोरोना के कारण यात्रा स्थगित थी, अर्थात लगभग 3 वर्ष बाद इसबार यात्रा होने वाली है, इसलिए भीड़ भाड़ भी खूब रहेगी. 
इसबार यात्रा 29 जून से 11 अगस्त तक चलेगी और प्रत्येक दिन 20000 यात्री दर्शन करने के लिए अधिकृत रहेगें. जिलों के अस्पताल में अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से मेडिकल टीम गठित है, जहाँ आप निर्धारित प्रारूप पर जो अमरनाथ श्राइन बोर्ड की बेबसाइट पर उपलब्ध है, डाउनलोड करके, भरकर अपना मेडिकल करा कर, शाम तक रिपोर्ट पा जायेंगे, उसके बाद निर्धारित बैंक, आनलाइन या आन द स्पाट रजिस्ट्रेशन करवा सकते है.
रजिस्ट्रेशन आप अपने निर्धारित दिनांक पर करा सकते हैं. उसके बाद आती है यात्रा की बारी. यात्रा के लिए दो मार्ग निर्धारित हैं पहला पहला परंपरागत मार्ग है पहलगाम से होकर चंदनबाड़ी होते हुए पिस्सू टॉप ,शेषनाग झील, महागुन चोटी अर्थात गणेश टाप, पंचतरणी तथा अमरनाथ गुफा और दूसरा मार्ग है बालटाल पंचतरणी होते हुए अमरनाथ गुफा.
पहलगाम वाला मार्ग परम्परागत मार्ग माना जाता है क्योंकि महादेव और माता जी, इसी मार्ग से गये थे और यह सुरक्षित है, हालांकि यह मार्ग लम्बा है, इसकी गुफा तक कुल दूरी 48 किलोमीटर है. जिसमें पहलगाम से चंदनबाड़ी 16 किलोमीटर सड़क मार्ग है, जो मिनी बस और टैक्सी से तय हो जाता है, उसके बाद आपको 32 किलोमीटर की पैदल ट्रेकिंग, या घोड़े, खच्चर, पालकी या हेलीकॉप्टर ( हेलीकॉप्टर की सुविधा पहलगाम तथा बालटाल से उपलब्ध है जो पंचतरणी तक ही है, उसके बाद आपको पैदल, घोड़े, खच्चर या पालकी मिल जायेगा) से आप जा सकते हैं.
दूसरा मार्ग गैर परम्परागत है जो बालटाल से जाता है, यह छोटा मार्ग है, केवल 14 किलोमीटर का है, लेकिन खड़ी चढाई और खतरनाक है, यह मार्ग कीचड़ और धूल से भरा है, इसपर पत्थर गिरने का भी खतरा रहता है. 
अधिकांश लोग पहलगाम मार्ग से जाते हैं और बालटाल मार्ग से वापस आते हैं.
बालटाल मार्ग से यात्रा आप एक दिन या दो दिन में पूरी कर लेगें, जबकि पहलगाम मार्ग से दो दिन में आप पहुचेंगे तथा तीसरे दिन बालटाल मार्ग से वापस आ पायेंगे. अर्थात पहलगाम मार्ग से जाकर, और बालटाल मार्ग से वापस आने में न्यूनतम 3 दिन लगते हैं, अधिकतम 4 दिन.

पहलगाम मार्ग से आप चलने में सक्षम हो तो जाइये तथा बालटाल मार्ग से वापस आइये. पहलगाम से चंदनबाड़ी तक शेयर टैक्सी, उसके बाद चंदनबाड़ी से पैदल चलिए, पहले दिन 16 किलोमीटर चलकर शेषनाग झील पर आराम करिये, दूसरे दिन शेषनाग झील से अमरनाथ गुफा पहुंचकर आराम करिये, सुबह बाबा बर्फानी का दर्शन करके वापस बालटाल मार्ग से बेस कैंप आ सकते हैं.
अगली कड़ी में यात्रा में सावधानियां.
हरहर महादेव🙏

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